गलती से कचरे में चली गई थी शख्स की हार्ड ड्राइव, अब ढूंढने के लिए NASA से ली मदद, जानिए ऐसा क्या है उसमें 1

गलती से कचरे में चली गई थी शख्स की हार्ड ड्राइव, अब ढूंढने के लिए NASA से ली मदद, जानिए ऐसा क्या है उसमें

गलती से कचरे में चली गई थी शख्स की हार्ड ड्राइव, अब ढूंढने के लिए NASA से ली मदद, जानिए ऐसा क्या है उसमें 2

नई दिल्ली।

कई बार हमारी एक छोटी सी गलती हमारे लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर देती है और जिसके लिए हमें जिंदगीभर भी इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

कुछ ऐसा ही ब्रिटेन ( Britain ) में रहने वाले एक आईटी इंजीनियर के साथ भी हुआ है।

कई वर्षों पहले उसकी एक छोटी सी लारवाही उसके लिए अरबों रुपए के नुकसान के रूप में झेलनी पड़ रही है।

जेम्स हॉवेल्स (James Howells) नाम के इस इंजीनियर ने गलती से अपनी हार्ड ड्राइव (Hard Drive) को कचरे में फेंक दिया था।

कचरे में फेंकी गई इस हार्ड ड्राइव से जेम्स को करीब 34 अरब रुपए का चूना लग गया है।

दरअसल जेम्स की इस हार्ड ड्राइव में एक क्रिप्टोग्राफिक ‘प्राइवेट की’ ( एक तरह की चाबी ) स्टोर थी।

ये ‘की’ एक तरह से जेम्स के पास मौजूद बिटकॉइन (Bitcoin) की चाबी है और उसकी गैर-मौजूदगी में जेम्स अपने बिटकॉइन तक नहीं पहुंच सकते।

लिहाजा इसे जेम्स के खजाने की चाबी के खो जाने के तौर पर देखा जा रहा है।

इस चाबी के महत्व का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जेम्स ने इसके लिए NASA की मदद ली है।

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जेम्स हॉवेल्स ने 2013 में गलती से न्यूपोर्ट, वेल्स में अपनी हार्ड ड्राइव को कचरे में फेंक दिया था।

इस हार्ड ड्राइव में जेम्स की बिटकॉइन की ‘प्राइवेट की’ स्टोर थी।

मौजूद समय में बिटकॉइन की कीमतें आसमान छू रही हैं।

ऐसे में जेम्स की बिटकॉइन की कुल वैल्यू बढ़कर 340 मिलियन पाउंड यानी करीब 34,33,98,35,916 रुपए तक पहुंच गई है।

यही वजह है कि जेम्स ने अपनी डूबती किस्मत को बचाने के लिए अमरीकी स्पेस एजेंसी नासा ( NASA ) के डेटा एक्सपर्ट की मदद भी ली है।

कोविड रिलीफ फंड में मदद देने की भी पेशकश

जेम्स ने अपने खोई हुई हार्ड ड्राइव को खोजने में स्थानीय प्रशासन से भी मदद की गुहार लगाई।

इसके बदले में जेम्स ने प्रशासन को बिटकॉइन की कीमत का कुछ अंश कोविड रिलीफ फंड में देने की पेशकश भी की।

लेकिन प्रशासन ने जेम्स का प्रस्ताव ठुकरा दिया।

प्रशासन जेम्स को खुद वहां जाकर अपनी हर्ड ड्राइव ढूंढने की इजाजत भी नहीं दे रहा।

जेम्स ने हार्ड ड्राइव को खोज को अंजाम देने के लिए दुनियाभर के इंजीनियरों, पर्यावरणविदों और डेटा रिकवरी विशेषज्ञों से संपर्क किया है।

इसके साथ ही वे NASA के साथ ऑनट्रैक (Ontrack) कंपनी की भी हेल्प ले रहे हैं।

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डाटा मिलने की 90 फीसदी तक संभावना

ऑनट्रैक ने जेम्स को भरोसा दिलाया है कि अगर उनकी हार्ड ड्राइव टूटी नहीं होगी तो इसे 80 से 90 फीसदी तक रिकवर किया जा सकता है।

दरअसल इसी कंपनी ने 2003 में पृथ्वी पर गिरने के बाद कोलंबिया अंतरिक्ष यान से जलकर बर्बाद हो चुकी हार्ड ड्राइव से भी डेटा निकाल लिया था।