रात में बार-बार यूरिन के लिए जाना भी गुर्दा रोग का लक्षण 1

रात में बार-बार यूरिन के लिए जाना भी गुर्दा रोग का लक्षण

क्रॉनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) गुर्दे की गंभीर बीमारी है। गुर्दे की दूसरी बीमारियों में एक ही गुर्दा खराब होता है लेकिन इसमें दोनों गुर्दे खराब होने लगते हैं। इसका पता 25त्न किडनी खराब होने पर चलता है। 45 के बाद ध्यान देंजिनकी उम्र 45 वर्ष से अधिक हो चुकी है उन्हें डॉक्टर की सलाह से कुछ जांचें करवाते रहना चाहिए। इनमें यूरिन और किडनी फंक्शन टेस्ट आदि हैं। जिनके परिवार में किडनी डिजीज की हिस्ट्री है उन्हें नियमित जांचें करवानी चाहिए। सीकेडी के लक्षण भूख कम लगना, यूरिन में खून का आना, खून की कमी, यूरिन कम आना, यूरिन का रंग गहरा, हाथ-पैरों, टखने व चेहरे पर सूजन, थकान, हाई बीपी, खुजली, रात में बार-बार यूरिन आना, मांसपेशियों में ऐंठन व झनझनाहट और जी मिचलना आदि।ऐसे करें बचाव ब्लड प्रेशर व डायबिटीज किडनी की बीमारी की बड़ी वजह होते हैं। इन्हें नियंत्रित रखें। खून में क्रिएटिनिन और यूरिन की जांच…

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कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी ये दिक्कतें 2

कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी ये दिक्कतें

Case 1- 43 वर्षीय वीरेंद्र कुमार (बदला हुआ नाम) की कोविड-19 की रिपोर्ट एक माह पहले पॉजिटिव आई थी। 10 दिन हॉस्पिटल में भर्ती रहे। 20 दिन पहले ही रिपोर्ट निगेटिव आने पर घर आ गए। लेकिन उन्हें थकान के साथ सांस लेने में परेशानी होती है जबकि ऑक्सीजन का स्तर 95-96 रहता है। Case 2 – शंकर सिंह को सितंबर में कोरोना हुआ था। ठीक हो चुके हैं लेकिन सीढिय़ां चढऩे में दिक्कत हो रही है। चिड़चिड़ापन महसूस होता है। इसी तरह अनीता भी ठीक हो चुकी हैं लेकिन उनका शरीर हमेशा हल्का गर्म रहता है। डॉक्टर ने कहा है कि बुखार की दवा शरीर का तापमान 100 फैरनहाइट से अधिक है तो ही लें। Case 2- अमित शर्मा की कोविड-19 की निगेटिव रिपोर्ट 25 दिन पहले ही आ गई थी लेकिन अभी उनकी हड्डियों में दर्द रहता है। इसी तरह दिनेश कुमार के शरीर में हमेशा दर्द रहता…

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घर की धुलाई नहीं करें, पोछा लगाएं, वायरस मरेंगे और पानी भी बचेगा 3

घर की धुलाई नहीं करें, पोछा लगाएं, वायरस मरेंगे और पानी भी बचेगा

आ जकल कोरोना के चलते घरों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जानते हैं कुछ तरीकों के बारे में- बाथरूम, रसोई, अलमारी, रेफ्रिजरेटर, सिंक, ओवन, टोस्टर, टीवी, एसी के रिमोट, गेम कंट्रोलर, कीबोर्ड, मोबाइल आदि की सफाई कई बार करें। कुछ लोग घर में पोछा लगाने की जगह केवल पानी से धोते हैं। यह सही नहीं है। थोड़े पानी में फिनाइल डालकर पोछा लगाने से उसका असर फर्श पर काफी समय तक रहता है। वायरस मर जाते हैं। ब्लीच सल्यूशन से भी पोछा लगवा सकते हैं। सफाई के लिए दो तरह के कैमिकल न मिलाएं। दरवाजों के हैंडल आदि के लिए 70त्न अल्कोहल वाला लोशन इस्तेमाल कर सकते हैं। कालीन, पर्दे आदि की सफाई साबुन-डिटर्जेंट पाउडर के पानी से करें। इन्हें धूप में अच्छे से सूखा लें। टी ट्री ऑयल, नींबू और नमक से भी घर की सफाई कर सकते हैं। डॉ. तुहिना बनर्जी,…

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NEWS RESEARCH- हॉट बाथ से बीपी और शुगर भी नियंत्रित रहेगा 4

NEWS RESEARCH- हॉट बाथ से बीपी और शुगर भी नियंत्रित रहेगा

हल्की ठंडक शुरू हो चुकी है। कुछ लोग गर्म पानी से भी नहाने लगे हैं। यूरोपियन एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ डायबिटीज एंड हार्ट डिजीजेज’ के अनुसार ‘हॉट बाथ’ से न केवल बीपी, बल्कि ब्रेन स्ट्रोक और शुगर का भी जोखिम कम होता है। ऐसे क्यों: गुनगुने पानी से नहाने पर शरीर में खून की धमनियां खुल जाती हैं। इसे वैसोडिलेशन कहते हैं। इससे खून का बहाव तेज हो जाता है। हृदय पर इसका ज्यादा दबाव नहीं पड़ता है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। व्यायाम जितना फायदेमंदगुनगुने पानी से नहाना हृदय के लिए व्यायाम जितना फायदेमंद होता है। ‘हॉट बाथ’ से दिल 150 बीट प्रति मिनट की दर से धडकऩे लगता है। आमतौर पर मध्यमगति की एक्सरसाइज में ऐसा होता है। इससे हृदय की कोशिकाएं मजबूत होती है। हर व्यक्ति को सप्ताह में 3-4 बार गुनगुने पानी से 15-15 मिनट तक नहाना चाहिए। तेज गर्म पानी से नहाने के…

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Keto Diet: 6 माह से ज्यादा लेने से होता है नुकसान 5

Keto Diet: 6 माह से ज्यादा लेने से होता है नुकसान

हाल ही बंगाल की अभिनेत्री मिष्टी मुखर्जी की किडनी फेल होने से मृत्यु हुई है। उनकी उम्र 30 वर्ष थी। वह लंबे समय से कीटो डाइट ले रही थीं। एक्सपट्र्स का कहना है कि इसका असर एक सप्ताह में ही दिखने लगता है। इसे विशेषज्ञों की सलाह से ही लें। ज्यादा दिन नहीं लेना चाहिए।क्या है कीटो डाइट इसमें ज्यादा मात्रा में फैट, प्रोटीन और कम कार्बोहाइड्रेट होते हैं। इसे डायबिटीज के मरीज ज्यादा फॉलो करते हैं। इसे लेने से शरीर में इन्सुलिन और शुगर का लेवल तेजी से कम होता है। वजन कम करने के लिए भी इसे कारगर माना जाता है। इसका सबसे अच्छा उपयोग मिर्गी रोगियों के उपचार में हो सकता है। ज्यादा दिनों तक न लें कीटो डाइट लेने वाले कुछ लोगों में लो ब्लड प्रेशर की समस्या देखने को मिलती है। लंबे समय तक लेने से ज्यादा फैट से बैड कोलेस्ट्रॉल बढऩे के कारण हृदय…

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CORONA VACCINE : इस बात से खफा है कोरोना वैक्सीन के लिए पहला ट्रायल देने वाला शख्स 6

CORONA VACCINE : इस बात से खफा है कोरोना वैक्सीन के लिए पहला ट्रायल देने वाला शख्स

न्यूयॉर्क. अप्रेल में कोरोनावायरस टीकों के परीक्षण के लिए अनुबंध करने वाले दुनिया के पहले शख्स इयान हेडन वैक्सीन को लेकर हो रही राजनीति से दुखी हैं। हेडन को मॉडर्ना की ओर से तैयार प्रायोगिक टीके एमआरएनए-127 का दो बार हाई डोज लगाया गया। ये बड़ा जोखिम था। अब यह क्लीनिकल ट्रायल के अंतिम चरण में है और महामारी की रोकथाम के लिए प्रभावी साबित हो सकता है। लेकिन ‘अविश्वास’ टीकाकरण की राह में सबसे बड़ी बाधा है। पिछले दिनों राष्ट्रपति ट्रंप ने वादा किया था कि अप्रेल, 2021 तक हर अमरीकी के लिए टीका बन चुका होगा। ट्रंप के अति आत्मविश्वास को अमरीकी लोगों ने उस वक्त ठुकरा दिया, जब प्यू रिसर्च सेंटर के सर्वेक्षण में आधे से अधिक अमरीकियों ने कहा, वे टीका नहीं लेंगे। चिंताएं लाजमी हैं, लेकिन भरोसा भी जरूरी है। यदि ज्यादातर अमरीकियों ने इसे लेने से इनकार किया तो टीके के लिए इतने जोखिम…

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5 तरह से कोरोना वायरस का हार्ट पर हो रहा असर 7

5 तरह से कोरोना वायरस का हार्ट पर हो रहा असर

1-इस वायरस के खिलाफ जो एंटीबाडी शरीर में बनती है उससे हार्ट की मांसपेशियों पर असर पड़ सकता है। हार्ट की पम्पिंग क्षमता कम होने से सांस लेने में तकलीफ, पैरों में सूजन, पेट में आफरा, खांसी, जल्दी थकान जैसे हार्ट फेल्योर के लक्षण आ सकते हैं। 2-कोरोना के इंफेक्शन से छाती में तेज दर्द होने से कार्डिएक एंजाइम बढ़ जाते हैं। ज्यादा तनाव से भी हार्ट के मांसपेशियों में सूजन आ सकती है। इसे स्ट्रेस कार्डिओमायोपैथी कहते हैं।3-कोरोना के डर से लोगों में बेचैनी से हार्ट की धडकऩे बढऩे लगती हैं। जिसे पेलपिटेशन कहते हैं। कई बार हार्ट की धडकऩे असामान्य रूप से कम या ज्यादा हो सकती हैं। 4-कोरोना से बचाव या इलाज की कुछ दवाइयों से हार्ट को खतरा हो रहा है। कोरोना के इलाज में दो मुख्य दवाइयां हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन व एडीथ्रोमयसिन बिना डॉक्टरी सलाह के न लें। ये नुकसान करती हैं। 5-हार्ट फेल्यर के मरीजों के…

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हमेशा घर में रहने व आलस से घटती इम्युनिटी, धूप में बैठें 8

हमेशा घर में रहने व आलस से घटती इम्युनिटी, धूप में बैठें

कोविड से बचाव के लिए बाहर निकलने से बचें लेकिन हमेशा घर में रहने से भी इम्युनिटी घटती है। थोड़ी देर बाहर निकलें, सुबह की धूप में बैठें।लंबे समय तक घर में रहने से कई दिक्कतें आ सकती हैं। सूर्य की रोशनी से विटामिन डी मिलता है। अमरीका के जार्जटाउन विश्वविद्यालय में हुए अध्ययन के अनुसार, सूर्य का प्रकाश सीधे प्रमुख प्रतिरक्षा कोशिकाओं (टी-कोशिकाओं) को सक्रिय करने में मदद करता है। सुबह 9-12 बजे के बीच 20 मिनट धूप में बैठें।तनाव से ïïघटता है डब्ल्यूबीसी कई शोधों के अनुसार लोग अधिक तनाव में रहते हैं उन्हें सर्दी-जुकाम की समस्या ज्यादा होती है। तनाव से शरीर में स्टे्रस हार्मोन यानी कोर्टिसोल ज्यादा बनता है। यह शरीर में मौजूद रक्षात्मक सफेद रक्त कोशिकाओं को खत्म करता है। इससे इम्युनिटी घटती है। अच्छी डाइट-पर्याप्त नींद भी जरूरी है। आलस से एंटीबॉडीज घटते-फ्रंटियर्स ऑफ इम्यूनोलॉजी की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जो…

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35 वर्ष से अधिक उम्र में मां बन रही हैं तो ये बातें जान लें 9

35 वर्ष से अधिक उम्र में मां बन रही हैं तो ये बातें जान लें

मां बनने की सही उम्र 35 वर्ष से पहले है। 35 वर्ष के बाद गर्भ गिरने और प्रीम्चयोर डिलीवरी की आशंका रहती है। कुछ बातों का ध्यान रखें।1. पहले डॉक्टरी सलाह लेंअगर प्रेग्नेंसी प्लान कर रही हैं तो डॉक्टरी सलाह से जरूरी जांचें करवा लें। अगर कोई बीमारी है तो उसको नियंत्रित रखें। 2. जेेनेटिक काउंसलिंग अधिक उम्र में क्रोमोजोम्स से जुड़ी बीमारियां जैसे डाउन सिंड्रोम की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए जेनेटिक काउंसलिंग कराएं। 3. ज्यादा आराम न करेंज्यादा आराम करने से दिक्कत हो सकती है। डॉक्टरी सलाह से अपने सामान्य काम करें। परेशानियां कम होंगी। भारी काम करने से बचें। 4. समस्या की अनदेखी न करेंइसमें छोटी समस्या भी गंभीर हो सकती है। कोई भी दिक्कत हो तो तुरंत अपने डॉक्टर को बताएं। तनाव वाले काम न करें। 5. सजेरियन के लिए भी तैयार रहेंलेट प्रेग्नेंसी में सामान्य प्रसव की संभावना कम रहती है। इसमें डॉक्टरी सलाह से…

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पाचन कमजोर है तो गर्मी में कम खाएं च्यवनप्राश 10

पाचन कमजोर है तो गर्मी में कम खाएं च्यवनप्राश

आयुष मंत्रालय ने कोविड के मरीजों को च्यवनप्राश खाने की सलाह दी है। इसकी तासीर उष्ण और गरिष्ठ होती है। पाचन को ध्यान में रखकर खाएं।इ समें आंवला, दशमूल के द्रव्य, पिपली, कंटकारी, त्रिफला, त्रिकटु, शहद, लौंग, इलायची, सौंठ, आदि 50 औषधियां पड़ती है। यह कफज व्याधियों में फायदेमंद है। इसके नियमित सेवन करने से फेफड़े मजबूत होते हैं। श्सवन तंत्र सही होता है। इससे शरीर की इम्युनिटी बढ़ती है। टीबी, अस्थमा, एलर्जी आदि के रोगी अवश्य रूप से च्यवनप्राश खाएं। लाभ मिलेगा। बुजुर्गों-बच्चों को जरूर देंबच्चों-बुजुर्गों को सर्दी-खांसी समस्या अधिक होती है। उन्हें पाचन के अनुसार रोज खाने को दें। गर्मी में एक-एक चम्मच सुबह-शाम ले सकते हैं।दस्त-कब्ज में कम खाएंच्यवनप्राश सुबह खाली पेट गुनगुने पानी से लेना फायदेमंद होता है। यह अग्नि को बढ़ा देता है। ज्यादा लेने से दस्त, कब्ज और गैस आदि की समस्या हो सकती है। ऐसे में इसकी मात्रा कम कर दें। डायबिटीज के…

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