तंगहाली में 'लगान' की ऐक्ट्रेस परवीना बानो, ब्रेन स्ट्रोक होने के बाद दवाई के लिए भी नहीं हैं पैसे 1

तंगहाली में ‘लगान’ की ऐक्ट्रेस परवीना बानो, ब्रेन स्ट्रोक होने के बाद दवाई के लिए भी नहीं हैं पैसे

तंगहाली में 'लगान' की ऐक्ट्रेस परवीना बानो, ब्रेन स्ट्रोक होने के बाद दवाई के लिए भी नहीं हैं पैसे 2

आमिर खान (Aamir Khan) की हिट फिल्म ‘लगान’ (Lagaan) में () ने अपने करियर की शुरुआत की थी और उन्होंने केसारिया का रोल किया था।

परवीना बानो को साल 2011 में ब्रेन स्ट्रोक हुआ था और इसके बाद से उनकी सेहत खराब होती चली गई।

इलाज कराने में काफी खर्चा हुआ और उनकी सेविंग्स भी खत्म हो गई।

अब उनकी हालत काफी बुरी हो गई है।

पति से अलग हैं परवीना बानो
आजतक डॉट इन से बात करते हुए परवीना बानो ने बताया, ‘मैं घर पर अपनी बेटी और छोटी बहनों के साथ रहती हूं।

पति से अलग होने के बाद मैं सिर्फ कमाने वाली महिला थी।

मैं छोटे-मोटे रोल कर पैसे कमाती थी।

मेरा भाई केयर करता था लेकिन उसे भी कैंसर हो गया है।

साल 2011 में हुआ ब्रेन स्ट्रोक
परवीना बानो ने आगे बताया, ‘साल 2011 से मुझे अर्थराइटिस हुआ है।

ब्लड प्रेशर की भी समस्या आ गई थी, जिस कारण से ब्रेन स्ट्रोक आया और पैरालाइज का स्ट्रोक भी आया था।

पिछले काफी समय से परेशानी से जूझ रही हूं।

इसके बाद से ही मेरी तबीयत खराब होती चली गई।

इलाज में काफी पैसे खर्च हो गए।

बीमारी के कारण काम पर भी नहीं गई हूं और घर पर ही हूं।

मेरी बहन असिस्टेंट डायरेक्टर का काम करती थी।

वह परिवार का खर्च चला रही थी लेकिन लॉकडाउन में उसकी भी नौकरी चली गई।

अब तो हमारे घर पर कमाई का कोई जरिया नहीं बचा है।

इलाज के लिए मांगी मदद
परवीना बानो ने बताया, ‘मैंने कई लोगों से मदद मांगी लेकिन कोई खास जवाब नहीं मिला।

सिन्टा वालों ने राशन भिजवाया।

राजकमल जी ने भी दो बार राशन भेजा है।

आज भी मेरा इलाज चल रहा है।

मुझे हर सप्ताह 1800 रुपये दवाइयों के लिए चाहिए होते हैं।

इसके अलावा घर पर तमाम खर्चे हैं।

मैंने पहले ये बातें इसलिए नहीं बताई थीं कि कहीं इंडस्ट्री में ये बात न फैल जाए कि मैं बीमार हूं और मुझे भविष्य में काम मिलना बंद हो जाए।

बस मेरी यही प्रार्थना है कि इलाज अच्छे से हो जाए और मैं आगे काम कर सकूं।

सोनू सूद ने बढ़ाया मदद का हाथ
परवीना बानो ने ये भी बताया, ‘इलाज और दवाइयों का इंतजाम सही हो जाने पर मैं काम पर दोबारा लौट सकती हूं लेकिन पैसे के बारे में सोचकर डर जाती हूं।

मेरे ब्रेन में पड़े क्लॉट्स को दवाइयों से ही सही किया जा सकता है।

‘ परवीना बानो की हालत के बारे में सोन सूद को बताया गया तो सोनू सूद की टीम ने परवीना बानो के यहां सबसे पहले महीनेभर का राशन भिजवाया और एक महीने की दवाइयां भी दिलवाई हैं।