ड्रग्‍स केस LIVE: NCB ने विदेश मंत्रालय से किया संपर्क, आर्यन पर 'इंटरनैशनल ड्रग्‍स तस्‍करी' के आरोप 1

ड्रग्‍स केस LIVE: NCB ने विदेश मंत्रालय से किया संपर्क, आर्यन पर ‘इंटरनैशनल ड्रग्‍स तस्‍करी’ के आरोप

ड्रग्‍स केस LIVE: NCB ने विदेश मंत्रालय से किया संपर्क, आर्यन पर 'इंटरनैशनल ड्रग्‍स तस्‍करी' के आरोप 2

क्रूज ड्रग्स केस (Crusie Drugs Case) में फंसे शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान (Aryan Khan) को कम से कम एक और दिन आर्थर रोड जेल में बिताना होगा।

उनकी जमानत याचिका पर बुधवार, 13 अक्टूबर (Aryan Khan bail plea) को स्‍पेशल एनडीपीएस कोर्ट में करीब तीन घंटे सुनवाई हुई।

लेकिन कोई फैसला नहीं आ सका।

अब इस मामले में गुरुवार को 12 बजे फिर सुनवाई शुरू होगी।

दोपहर करीब 2:45 बजे अदालत में दोनों पक्षों के वकील जिरह शुरू हुई।

एनसीबी की तरफ से ASG अनिल सिंह, स्‍पेशल पब्‍ल‍िक प्रॉसिक्‍यूटर एएम चिमालकर और अद्वैत सेठना पैरवी कर रहे थे, जबकि आर्यन खान की तरफ से सीनियर एडवोकेट अमित देसाई और सतीश मानश‍िंदे अदालत में मौजूद रहे।

एनसीबी ने आर्यन पर इस दौरान इंटरनैशनल ड्रग्‍स तस्‍करी में शामिल होने जैसे गंभीर आरोप लगाए, जिसे अमित देसाई ने बेतुका बताया है।

आर्यन खान को 2 अक्‍टूबर को क्रूज टर्मिनल से हिरासत में लिया गया था।

3 अक्टूबर को एनसीबी ने उन्‍हें गिरफ्तार किया।

उसके बाद किला कोर्ट ने आर्यन को पहले 1 दिन और फिर 3 दिन एनसीबी की रिमांड में भेजा।

जबकि आख‍िर में आर्यन खान और उनके साथ गिरफ्तार अन्‍य 7 आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

आगे पढ़ें, स्‍पेशल एनडीपीएस कोर्ट में वकीलों ने क्‍या-क्‍या दलीलें दीं।

– आर्यन खान की जमानत याचिका पर अब गुरुवार को सुनवाई होगी।

कोर्ट में मामला गुरुवार 11 बजे तक के लिए मुल्‍तवी कर दिया है।

एएसजी अनिल सिंह ने कोर्ट से अनुरोध किया कि क्या वह कल दोपहर 12 बजे के लिए अपील कर सकते हैं।

इस पर आर्यन के वकील अमित देसाई ने 11 बजे का वक्‍त सुझाया।

– मोहक जसवाल, आचित कुमार और नूपुर सतीजा की जमानत याचिका पर 20 अक्टूबर को होगी सुनवाई।

– कोर्ट ने ASG से पूछा: क्‍या सभी आरोपियों की जमानत का विरोध के लिए आपके जवाब एक जैसे हैं?
– ASG अनिल सिंह: हां, अध‍िकतर बातें एक जैसी हैं, कुछ एक फैक्‍ट्स अलग हैं।

मैं आरोपियों के स्‍वैच्‍छ‍िक बयान दिखाना चाहूंगा।


ASG अनिल सिंह ने कोर्ट में चैट दिखाए।

कहा: इन चैट्स में बड़ी मात्रा में ड्रग्‍स की बातचीत पर्सनल यूज के लिए नहीं हो सकती है।

कुछ और है।

हमने विदेशी नागरिक का पता लगाने के लिए विदेश मंत्रालय से बात की है।

– ASG अनिल सिंह: मैं ड्रग्‍स की बरामदगी और चैट्स की बात की ओर इशारा इसलिए कर रहा हूं, क्योंकि साजिश के मामले में यह जरूरी नहीं है कि सभी आरोपियों के पास कमर्शियल मात्रा हो या मध्‍यम मात्रा मिले।

छोटी, कमर्शियल, या कोई मात्रा, अगर धारा 29 एनडीपीएस एक्ट लागू होता है, तो साजिश है।

जब धारा 29 लागू होती है, तो जिस व्यक्ति पर अपराध का आरोप लगाया जाता है, उसे साजिशकर्ता के समान अपराध के लिए दंडित किया जाएगा।

– ASG अनिल सिंह: मेरी जानकारी के मुता‍बिक, अन्य आरोपियों के कब्जे में ड्रग्‍स पाए गए।

वॉट्सऐप चैट इसलिए जरूरी हैं कि इनमें बड़ी मात्रा में ड्रग्‍स की खरीद की बात है।

विदेशी नागरिकों के साथ ड्रग्‍स की बात है, जो कि भारी मात्रा में भी है।

मैं इन ड्रग्‍स के बारे में नहीं जानता, लेकिन मेरे अधिकारियों ने कहा कि ये हार्ड ड्रग्‍स हैं।

मेरा तर्क है कि हमने अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार किया है और उनमें से 4 ड्रग तस्कर हैं।

उनमें से एक के पास कमर्शियल मात्रा भी मिली थी।

आचित और शिवराज ड्रग तस्कर थे।

– ASG अनिल सिंह: उन्‍होंने साजिश की बात को नकारा।

ऐसा नहीं है कि जिस दिन हमने आर्यन को गिरफ्तार किया था, हम जानते थे कि यह साजिश थी।

हमने उसे तीसरे रिमांड में जोड़ा।

20 आरोपी हैं और उनमें से कुछ पेडलर हैं।

खान और मर्चेंट के उनसे बात करने के सबूत हैं।

ऐसे चैट्स हैं जिनमें पैसों या थोक मात्रा का जिक्र है, फिर हार्ड ड्रग्स के बारे में एक विदेशी नागरिक के साथ बातचीत होती है।

पंचनामा के मुताबिक भी खान के पास से ड्रग्‍स नहीं मिली थी।

अरबाज के पास से मिला।

हमारा तर्क है कि ड्रग्‍स मर्चेंट के कब्जे में मिला है, जो आर्यन खान से उनके घर पर मिले थे.. अपने खुद के बयान में उन्होंने आर्यन खान के साथ संबंध की बात को माना है।

मर्चेंट उसी कार में आर्यन खान के घर से गया और वे टर्मिनल पर थे जहां उन्हें पकड़ा गया था।

अरबाज के साथ यह ड्रग्‍स उनके सेवन के लिए था और दोनों को इसके बारे में पता था।

खान भी जानते थे कि मर्चेंट के पास ड्रग्‍स था।

– ASG अनिल सिंह: यह विश्वास करना मुश्किल है कि किसने आर्यन खान को इन्‍वाइट किया।

वह इन्‍वाइट कहां है? उनका तर्क यह है कि उनके साथ कोई व्‍यक्‍त‍ि ड्रग्‍स ले जा रहा था।

मैं यह दिखाने के लिए पंचनामा और व्हाट्सएप चैट भी पढ़ूंगा कि यह ऐसा मामला नहीं है जहां कोई कहता है, ‘मैं केवल एक इनवाइट पर पहुंचा था और अधिक से अधिक मैं सिर्फ ड्रग्‍स का सेवन कर सकता था।

– ASG अनिल सिंह: जमानत के मामलों की सुनवाई एक ही दिन में हो सकती है, लेकिन ऐसा नहीं है कि उन पर उसी दिन फैसला हो जाना चाहिए।

यह एक एजेंसी है और पूरा देश मादक पदार्थों की तस्करी और सेवन से चिंतित है।

यह समाज में एक गंभीर अपराध है।

आए दिन पार्टियां दी जाती हैं, ड्रग्स का सेवन किया जाता है और इसमें कॉलेज के छात्र भी शामिल होते हैं।

यह न केवल आर्थिक मामलों को प्रभावित कर रहा है बल्कि अन्यथा भी… हम मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल गिरोह से चिंतित हैं।

देसाई बोले- ASG चाहें तो हम उन्‍हें चाय पिलाएंगे
एएसजी अनिल सिंह ने कोर्ट से कहा कि वह कल भी इसे जारी रखेंगे।

इस पर कोर्ट ने कहा कि नहीं, आज ही शुरू कीजिए।

आर्यन के वकील सतीश मानश‍िंदे ने इस पर उन्‍हें टोका और कहा कि वो रात 8 बजे तक ट्रायल कोर्ट में बैठे हैं।

इस पर एएसजी अनिल सिंह ने कहा कि उन्‍हें एक घंटे की जरूरत होगी, इसलिए वह जारी रख सकते हैं।

इस पर अमित देसाई ने कोर्ट से कहा कि यदि उन्हें 5 मिनट का ब्रेक चाहिए, तो हम उन्हें चाय पिलाएंगे।

इस पर एएसजी बोले, ‘मैं कह रहा हूं कि मैं आज शुरू करूंगा लेकिन अगर कुछ जमा करना है, तो मैं कल जारी रखूंगा।

यह कोर्ट को तय करना है।

– देखमुख: पूरा मामला आर्यन खान और मर्चेंट के खिलाफ है।

शुरू से ही मुनमुन के बयान में कुछ नहीं मिला।

सौम्या और बलदेव चार्जशीट में भी नहीं हैं।

जबकि मुनमुन सलाखों के पीछे पीड़ित की तरह हैं।

वह आर्यन या अरबाज को नहीं जानती हैं।

उन्हें कमरे के एक कोने से ड्रग्‍स मिले।

कमरे के कोने से हुई इस जब्‍ती से उनका संबंध कैसे है? एनसीबी यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि यह साजिश है, लेकिन वे यह दिखाने में नाकाम रहे हैं… उन्‍होंने दूसरों को गिरफ्तार क्यों नहीं किया, सिर्फ मुनमुन को ही निशाना बनाया गया? उनके खिलाफ फर्जी केस चल रहा है।

वो जो दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि जो छोटी मात्राएं मिली हैं, वे व्यावसायिक मात्राओं के बराबर हैं, यह नया चलन है।

– मुनमुन धमेचा के लिए वकील अली काशिफ खान देशमुख ने कहा: मुनमुन पेशे से एक मॉडल हैं।

रैंप वॉक करती हैं।

उन्‍हें बलदेव ने इन्‍वाइट किया था और बलदेव को गिरफ्तार नहीं किया गया है।

जब वह अकेली आईं तो एक सौम्या नाम की लड़की और बलदेव वहां मौजूद थे, लेकिन केस में वो आरोपी नहीं हैं।

मुनमुन के वहां पहुंचने के 2-3 मिनट के भीतर ही छापेमारी हुई और उन्हें मुनमुन के कमरे में एक पैकेट मिला।

पंचनामा कहता है कि कमरे में दो दोस्त थे।

उन्हें ड्रग्स छोटे डेस्क कॉर्नर में रखा हुआ मिला।

वजन 0.5 ग्राम पाया गया।

पंचनामे में लिखा है‍ कि मुनमुन के पास से कुछ भी बरामद नहीं हुआ, लेकिन सौम्या सिंह के पास से बरामदगी जरूर हुई।

सईद: एकमात्र सबूत पर जिस पर वो भरोसा कर सकते हैं और जो पंचनामा है कि इसमें ड्रग्‍स सेवन की बात कही गई है।

इसलिए हमें एनडीपीएस अधिनियम के 64ए के तहत प्रतिरक्षा मिली हुई है।

उसके लिए कोई विशेष ट्रायल भी करने की जरूरत नहीं है।

मुझसे जो बरामद हुए वो बिक्री या खरीद के लिए नहीं, खु के उपयोग के लिए हो सकता है।

यह अरबाज ने अचित से लिया था, जो जांच में उन्‍होंने बताया।

बस जांच का किस्‍सा यही खत्‍म हो गया।

जब तक कोई संबंध नहीं है, वे जॉइंट ट्रायल कैसे कर सकते हैं? अरबाज ने जेल में जो समय बिताया है, वह काफी है, उन्हें रिहा किया जाना चाहिए।

– अब कोर्ट में अरबाज मर्चेंट के लिए वकील तारक सैयद जिरह कर रहे हैं।

वह कहते हैं, ‘पूरा मामला मोबाइल फोन और पंचनामा पर आधारित है।

वह जब्‍ती और बरामदगी की धारा 27z को अट्रैक्‍ट करेगी, इससे ज्यादा कुछ नहीं।

अभियोजन पक्ष वॉट्सऐप चैट का उपयोग कर रहा था, लेकिन अब यह पंचनामा आपके सामने है।

पंचनामा के अनुसार कोई फोन जब्त नहीं किया गया है।

फोन के लिए कोई अलग पंचनामा नहीं है…इसलिए पूरी वॉट्सऐप चैट खारिज हो जाएगी।

अरबाज और आर्यन दोनों की तलाशी ली गई और अगर दोनों की तलाशी ली गई और कोई फोन नहीं मिला, तो उन्हें चैट कहां से मिली? – देसाई: कुछ तो करना ही होगा, क्‍योंकि यह तरीका नहीं है।

हां, वे युवा हैं और ऐसा कर रहे हैं।

लेकिन कई देशों में, यह पदार्थ कानूनी है…वे हिरासत में हैं और उन्होंने अपना सबक सीख लिया है… वे पेडलर नहीं हैं।

उन्होंने काफी सहा है।


देसाई: एनसीबी को अपराधों को अलग-अलग रखना चाहिए था, भले ही यह उनका विवेकाधिकार हो।

इन आरोपों के साथ इस मामले में मुकदमे में आरोप तय करना अराजक होगा।

मैं फिर कह रहा हूं।

आर्यन खान के पास से कोई जब्‍ती नहीं हुई है।

एक साल तक की अधिकतम सजा के साथ, अब हिरासत की कोई आवश्यकता नहीं है।

– देसाई ने कोर्ट में एक चार्ट प्रजेंट किया, जिसमें यह दिखाया गया है कि आर्यन खान को कैसे गिरफ्तार किया गया था।

देसाई ने कोर्ट में अगस्त के डिसिल्वा मामले का हवाला दिया।

– देसाई: धारा 29 साजिश से जुड़ा है, जो इनका बड़ा मामला है।

लेकिन आर्यन की गिरफ्तारी साजिश के आरोप में यानी धारा 29 के तहत नहीं हुई है।

जब दूसरे लोगों की गिरफ्तारियां अलग पंचनामा के तहत है, तो वे कैसे जुड़े हुए हैं? मांगे जाने के बाद ही पंचनामा दिया गया… कोई साजिश नहीं है।

मर्चेंट के पास उनके खुद के सेवन के लिए ड्रग्‍स थे, लेकिन वह कोई साजिश नहीं है।

उन्हें 8 (सी), 20 (बी) और 27 के तहत गिरफ्तार किया गया था।

– देसाई: केवल एक अन्य बात है जो बयान है और जो स्वीकार्य नहीं हैं।

हम जमानत पर हैं।

20 (बी), पंचनामा में है और हमें यह अध‍िकार मिलता है।

वॉट्सऐप चैट होने के बावजूद 27A लागू नहीं होता है।

धारा 28 का एक अटेम्‍पट है, भले ही मर्चेंट कथित रूप से चरस के साथ पाया गया हो।

– देसाई ने कोर्ट में आर्यन की जमानत अर्जी पढ़ी।

देसाई ने आर्यन के हवाले से पढ़ा, ‘जब मुझे गिरफ़्तार किया गया तो गिरफ्तारी ज्ञापन में धाराओं का उल्लेख किया गया था।

मुझे केवल एनडीपीएस अधिनियम की धारा 27, 20 (बी), 28, 29, 8 (सी) के तहत गिरफ्तार किया गया था।

धारा 20(बी) कब्जा, खरीद, बिक्री, ड्रग्‍स बनाने, कुछ भी मुझ पर लागू नहीं होता है।

मुझे नहीं पता कि यह कैसे लागू होता है।

– देसाई: आर्यन के पास से कोई जब्‍ती नहीं हुई है।

वे कह रहे हैं कि धमेचा और गोमित आदि से वसूली हुई है।

इस लड़के से कुछ भी नहीं, वह क्रूज पर भी नहीं था और वे कहते हैं कि ये अवैध तस्करी में शामिल है! वे ड्रग्‍स की खरीद-बिक्री ही नहीं उसे बनाए जाने की भी बात कर रहे हैं।

जबकि आर्यन के खिलाफ कुछ भी नहीं है! यह एक जिम्मेदार एजेंसी है…वे अवैध तस्करी कह रहे हैं और इससे निपटने वाला एकमात्र प्रावधान धारा 27ए है।

2 अक्टूबर को 4:50 से 3 अक्टूबर के 2:00 बजे के बीच आर्यन की तलाशी ली जा रही थी? उन्होंने उनका मोबाइल फोन ले लिया, लेकिन उन्होंने 27ए नहीं लगाया।

क्योंकि वे जानते हैं कि आर्यन खान अवैध तस्करी में शामिल नहीं है।

जिन अन्य को गिरफ्तार किया गया है, उनमें से केवल दो पर 27ए (चोकर और जसवाल) के तहत मामला दर्ज किया गया।

जवाब में जो भी मिलॉर्ड्स ‘अवैध’ के लिए पढ़ेंगे, कृपया ध्यान रखें कि खान को 27ए के लिए गिरफ्तार नहीं किया गया है।

उन्होंने आर्यन से दोबारा पूछताछ नहीं की… पूछताछ में उन्हें केवल अचित के साथ एक चीज मिली, जिनके पास 2.6 ग्राम चरस था, जो कि अवैध नहीं है।

– देसाई: आर्यन खान और अरबाज मर्चेंट के बीच दोस्ती से कोई इनकार नहीं कर रहा है।

दोनों साथ में बड़े हुए हैं।

वो जवाब में कह रहे हैं कि ‘उनका कनेक्‍शन है और क्‍लोज नेक्‍सस है’, लेकिन इसमें ‘वो’ कौन हैं? खान और मर्चेंट।

हम इस जवाब में हर समय ‘अवैध तस्करी’ शब्‍द देख रहे हैं।

उन्होंने यह सब आर्यन खान पर डाल दिया।

मुझे विश्वास है कि वे जानते हैं कि यह एक गंभीर अपराध है।

एनडीपीएस अधिनियम में, अवैध तस्करी क्या है, यह कानून का एक शब्द है.. यह कोई आकस्मिक शब्द नहीं है।

एनडीपीएस एक्ट को अंदर से जानने वाली एनसीबी को पता होना चाहिए कि अवैध तस्करी क्या है।

इस लड़के पर अवैध तस्करी का आरोप लगाया गया है।

सुप्रीम कोर्ट के संदर्भ में, यह “स्वाभाविक रूप से बेतुका” है।

– देसाई ने अब कोर्ट में एनसीबी का जवाब पढ़ना शुरू किया।

कहा: वे इन फैक्‍ट्स को सभी लोगों से के संबंध में रख रहे हैं … अब तक 20 लोग गिरफ्तार हुए हैं… वे इंटरनैशनल ड्रग ट्रैफिकिंग का आरोप लगा रहे हैं।

उनके पास एक विदेशी नागरिक भी गिरफ्तार है।

जवाब में उन्होंने कई आरोपियों का जिक्र किया है, लेकिन आरोप तो बहुत हैं।

वे यहां किसका जिक्र कर रहे हैं? यह एक बहुत अच्छी तरह से तैयार किया गया उत्तर है! – देसाई : 5 और 6 अक्टूबर को और लोगों को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में कहा कि आर्यन खान के मूल बयान के बाद आगे कोई पूछताछ नहीं हुई।

इसलिए एनसीबी को रिमांड नहीं दिया गया था और न्‍याय‍िक हिरासत में भेजा गया।

यह जमानत के लिए जरूरी है।

इसलिए मजिस्ट्रेट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

मजिस्ट्रेट ने कहा कि लोगों को समन भेजा गया, जांच की गई और इसलिए अब पुलिस हिरासत की आवश्यकता नहीं है।

– देसाई: पंचनामा और बाकी सब चीजों के अनुसार, आर्यन खान ने स्वीकार किया कि अरबाज मर्चेंट सेवन करने के लिए चरस ले जा रहा था।

अब पंचनामों में मामले किस तरह दाख‍िल किए जाते हैं, यह अलग से बहस का मुद्दा है।

आर्यन खान के ख‍िलाफ बहुत से बहुत यही मामला बनता है।

आर्यन, मर्चेंट और धमेचा को शाम 7 बजे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया।

आर्यन खान को 3 अक्टूबर को 02:00 बजे गिरफ्तार दिखाया गया था।

पंचनामा में खान और मर्चेंट के बीच रिलेशन दिखाया गया है, लेकिन धमेचा से कोई संबंध नहीं है।

मैं उसके फैक्‍ट्स नहीं जानता कि वह उस वक्‍त कहां थीं और उसके साथ क्या हुआ, क्या परिस्थितियां थीं।

– देसाई : रिमांड आदेश में बताया गया है कि कितनी मात्रा में ड्रग्‍स बरामद किया गया।

जब आर्यन खान की बात आई तो उसके पास से कोई बरामद नहीं हुआ।

मर्चेंट के पास से मात्र 6 ग्राम चरस ही बरामद हुआ।

धमेचा से क्‍या हुआ, मुझे नहीं पता।

13 ग्राम कोकीन आर्यन खान के पास से नहीं हैं और न ही मेफेड्रोन की गोलियां।

उनके पास कुछ नहीं था।

उनके पास कैश भी नहीं था।

जाहिर है उनके पास ड्रग्स लेने या बेचने की कोई योजना नहीं थी।

– देसाई : उस रविवार को सिर्फ इन्हीं लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि पंचनामा में और भी लोग हैं, जिन्‍हें ड्रग्‍स लेने, बेचने और खरीदने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

पहला सवाल, जिस पर विचार किया जाना चाहिए (बेशक जमानत का, क्योंकि इसमें 1 साल की सजा है): आर्यन का ड्रग्‍स सेवन में शामिल होना, उनके पास बिक्री के लिए कोई पदार्थ नहीं था, और न ही कोई पैसा था, इसलिए कोई खरीद नहीं हो सकती है।

जब्ती के संबंध में पंचानामा में खान का कोई संबंध नहीं दिखाया गया है, बस एक मुहावरा लिखा गया है’के संबंध में।

– देसाई: जब एनसीबी पार्टियों के लिए कानूनी कार्रवाई करती है, तो अदालत को तथ्यों को ध्यान में रखना पड़ता है, न कि बिग पिक्‍चर कि वे बहुत से लोगों को पकड़ रहे हैं जो एक अच्छा काम है।

लेकिन यह भी ध्‍यान देने वाली बात है कि आप वहां उन लोगों को नहीं ला सकते, जो केस से जुड़े हुए नहीं हैं।

इसे साजिश कहा जाता है।

– देसाई: व्हाट्सएप चैट पर तस्वीरें हैं।

उन्होंने कहा कि वे और लोगों को गिरफ्तार कर रहे हैं, इसके बाद आर्यन खान को सोमवार तक के लिए रिमांड पर लिया गया।

अगली तारीख, 5 और गिरफ्तार किए गए और इंटरनैशनल लिंक्‍स से जोड़कर एनसीबी ने हिरासत की मांग की।

तब उन्हें 7 अक्टूबर तक के लिए रिमांड पर लिया गया था।

यह तब हुआ जब रिमांड में केवल एक व्यक्ति था, जिसका नाम अचित है।

एनसीबी ने रिमांड को कॉपी-पेस्‍ट किया।

अब जो गिरफ्तारियां हो रही हैं, वह क्रूज मामले से अलग हैं।

आर्यन और अरबाज के बयान पर अचित को अरेस्‍ट किया गया।

लेकिन यह गिरफ्तारी क्रूज केस में एफआईआर के लिए हुई थी।

चोकर, इश्मीत, सतेजा, जसवाल को आर्यन खान के साथ जोड़ा गया।

अच‍ित कुमार से क्रॉस क्‍वेश्‍चन के लिए खान की रिमांड की मांग गई।

– देसाई: क्रूज पर कम्‍बाइंड सर्च किया गया।

उन्हें अरबाज मर्चेंट के पास से 6 ग्राम चरस मिली।

पहला फैक्‍ट जो गौर करने वाला है पंचनामे में कि आर्यन के पास से कोई बरामदगी नहीं हुई।

इस पर कोई बहस नहीं है, यह स्वीकार किया जाता है और निर्विवाद है।

मर्चेंट से जो मात्रा बरामद हुई वह बहुत छोटी है… शुरुआती जानकारी से शुरू करते हैं, सेवन, बिक्री और खपत।

ये तीन पॉइंट्स हैं।

लेकिन अभी तक तीन लोगों से ही जब्‍ती हुई है, आर्यन के पास से कुछ नहीं मिला है।

देसाई: जब सीक्रेट इन्‍फॉर्मेशन की बात आती है।

तो इस्‍तेमाल, खरीद-बिक्री और सेवन का इनपुट मिलता है।

यानी इस बार इन्‍हें दी गई जानकारी गलत थी।

हो सकता है किसी ने आपसे कहा हो कि आर्यन खान के पास ड्रग्स है, वह इसका सेवन करेगा।

लेकिन यह गलत निकला।

उन्होंने लोगों की पहचान ऐसे की जैसे उनके पास फोटोज हैं, लेकिन यह एजेंसियों की खुफिया जानकारी है, वे कई बार बहुत अच्छा काम भी करते हैं! वे यह सब जानते होंगे, आर्यन खान को पकड़ना चाहते होंगे, लेकिन उनके पास कुछ नहीं था।

इसलिए एजेंसी के पास जो भी जानकारी थी वह झूठी थी।

– देसाई: विक्रांत चोकर कोकीन के साथ पकड़े गए।

चोकर से कथ‍ित तौर पर चरस जैसा पदार्थ भी बरामद किया गया।

इश्मीत सिंह के पास से उन्हें गुलाबी रंग की 15 गोलियां मिलीं- एक्स्टसी।

फिर उन्होंने एक और छापा मारा जहां बिक्री और खरीद के लिए कथित तौर पर पैसा रखा था।

दो और लोग, जिनका विवरण संदिग्धों से मेल खाता था को एनसीबी ने टर्मिनल पर रोका।

वो थे आर्यन खान और अरबाज मर्चेंट।

पंचनामा के मुताबिक, आईओ ने पूछा कि क्या उनके पास ड्रग्स है।

उन्होंने स्वीकार किया कि चरस है।

मर्चेंट ने स्वीकार किया कि वह खान के साथ चरस का सेवन कर रहे थे।

खान से पूछने पर उन्‍होंने भी कहा कि उन्‍होंने चरस लिया है।

अध‍िकारियों ने ड्रग्‍स जब्‍त कर सील कर दिया।


आर्यन के वकील अमित देसाई ने कोर्ट से कहा: हम इस वक्‍त सिर्फ जमानत से चिंतित हैं।

यह पूरी घटना 2 अक्टूबर की दोपहर में शुरू होती है, जब आर्यन को क्रूज शिप पर पार्टी में आमंत्रित किया गया था।

उन्हें एक ऐसे व्यक्ति ने आमंत्रित किया गया था जो आयोजक नहीं हो सकता – प्रतीक गब्बा … लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है।

आर्यन अपने दोस्त मर्चेंट के साथ क्रूज पर गए थे।

जब वह चेक-इन कर रहे थे, उन्‍हें एनसीबी ने रोक लिया।

एनसीबी के मुताबिक जो हुआ वह पंचनामा में है।

आइए अब पंचनामा में जो लिखा है, उस हिसाब से चलते हैं।

एनसीबी की टीम ने उसके बाद टर्मिनल पर पूछताछ शुरू की और इस दौरान वे दो ऐसे लोग मिले, जिनकी उन्‍हें तलाश थी।

उन्होंने विक्रांत और इश्मीत से पूछताछ की।

एनसीबी को उनके पास थे कुछ ड्रग्‍स मिले।

सिर्फ रिकॉर्ड के लिए, यह आइटम एमडी था, और वह 5 ग्राम है।

– आर्यन की जमानत पर सुनवाई शुरू।

आरोपी अचित कुमार के वकील अश्विन थूल बोले: मुझे समझ नहीं आता कि वो जवाब दाखिल करने में इतना समय क्यों लगा रहे हैं।

जवाब तो एक जैसे हैं।

अद्वैत सेठना: सीनियर से जवाब देने का अनुरोध किया गया था और अदालत के निर्देशों के अनुसार, हमने 3 व्यक्तियों के लिए जवाब दाखिल किया।

थोड़ा कुछ विवेक का इस्तेमाल करें, चाहे जवाब समान हों या फिर अलग।

आपने कहा कि पहले तीन मामलों में फाइल करें, और फिर माइलॉर्ड्स और मिस्‍टर देसाई ने कहा कि मामले को आगे बढ़ने दें तो फिर मामला आगे बढ़ने दें।

अश्विन थूल: लॉन्ग ऐंड शॉर्ट, मेरा जवाब कहां है? – एनसीबी: CCTV फुटेज की प्रासंगिकता ट्रायल के समय तय की जाएगी, न कि इस शुरुआती मोड़ पर।

अभी जांच शुरुआती चरण में है।

जांच अभी भी चल रही है और यह जांच संबंधी सामग्री का हिस्सा है।

इस तरह की मांग से चल रही जांच पर भारी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

सोसाइटी में आर्यन खान के प्रभाव को देखते हुए यह बहुत संभव है कि वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं और उन अन्य गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं जिन्हें वह व्यक्तिगत रूप से जानते हैं।


एनसीबी: आवेदक (आर्यन खान) के खिलाफ अपराध के सारे इंग्रिडिएंट्स यानी तैयारी, इरादा, प्रयास और कमीशन तक सबका सबूत मौजूद है।

इसलिए गलत तरीके से फंसाने का आरोप न सिर्फ गलत है बल्कि भ्रामक करने वाला भी है।

वॉट्सऐप चैट से लेकर तस्वीरों तक के रूप में पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।

पंचनामा से स्पष्ट रूप से पता चलता है कि खान और मर्चेंट को अंतरराष्ट्रीय क्रूज ग्रीन गेट मुंबई पर पकड़ा गया था।

इसलिए जांच जरूरी हो जाती है कि कैसे आरोपी क्लासिक एमवी एम्प्रेस कार्ड के बिना क्रूज में प्रवेश कर गए।

ये अटकलें कि खान के खिलाफ अधिकतम सजा सिर्फ एक वर्ष है, पूरी तरह से अनुमानों पर आधारित है।

जबकि एनसीबी के पास साजिश के एलिमेंट्स को दिखाने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।

एनसीबी: (आर्यन) खान और (अरबाज) मर्चेंट एक दूसरे के साथ काफी करीबी से जुड़े रहे हैं जोकि एनडीपीएस ऐक्ट की धारा 29 के तहत अपराधों के लिए पर्याप्त है।

अब तक यह स्पष्ट है कि अचित और हरिजन ने आर्यन खान और अरबाज मर्चेंट को चरस सप्लाई किया था।

जांच से पता चलता है कि सभी लोग एक बड़ी चेन का हिस्सा हैं।

साजिश और अवैध कार्यों में उनकी संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता है।

सह-अभियुक्तों से बीच-बीच में कई बरामदगी हुई हैं।

एक आरोपी के पास से व्यावसायिक मात्रा में मेफेड्रोन भी बरामद किया गया है।

इसलिए इनमें से एक आवेदक को अलग नहीं माना जा सकता है।

ये सभी लोग एक कॉमन लिंक का हिस्सा हैं, जिसे अलग नहीं किया जा सकता है।

ऐसी स्थिति में किसी व्यक्ति से वसूली की मात्रा का कोई महत्व नहीं रह जाता।

– कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई।

एनसीबी ने कोर्ट से कहा- रिकॉर्ड में ऐसी सामग्री है जिससे पता चलता है कि आर्यन खान विदेश में कुछ ऐसे लोगों के संपर्क में थे जो ड्रग्स की अवैध खरीद के लिए एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत होते हैं।

जांच अभी जारी है।

– दोपहर करीब 1 बजे: आर्यन खान के वकील अमित देसाई ने एनसीबी द्वारा दायर जवाब को स्वीकार करते हुए कहा कि वो एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह का इंतजार कर रहे हैं।

आर्यन खान के वकील सतीश मानेशिंदे ने अदालत में कहा, ‘हमें जवाब की कॉपी मिली है, लेकिन कुछ लोग अभी तक कोर्ट नहीं पहुंचे हैं।

‘ एडवोकेट अमित देसाई ने कहा, ‘वो आ जाएं तो हम शुरू कर सकते हैं।

मानेशिंदे कहते हैं, ‘लगता है कि उन्होंने नहीं आने का फैसला किया है।

‘ – एनसीबी ने कोर्ट में सौंपा जमानत याचिका पर जवाब: एनसीबी ने आर्यन खान की जमानत याचिका पर अपना जवाब कोर्ट को सौंप दिया है।

जवाब में कहा गया है कि इस मामले में एक आरोपी की भूमिका को दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता है।

भले ही आरोपी के पास से किसी ड्रग्‍स की बरामदगी नहीं हुई है, लेकिन वह इसकी साजिश में शामिल हैं।

आर्यन खान पर प्रतिबंधित सामग्री यानी ड्रग्‍स की खरीद के लिए इस्तेमाल होने का आरोप लगाया गया है और अरबाज मर्चेंट के पास से ड्रग्‍स बरामद किए गए।

विदेशों से मामले का क्‍या लेना-देना है, पैसों के ट्रांजेक्‍शन को लेकर इसकी जांच की जानी चाहिए और जांच की जा रही है।

– एनसीबी के लिए स्‍पेशल पब्‍ल‍िक प्रॉसिक्‍यूटर एएम च‍िमालकर और अद्वैत सेठना करेंगे पैरवी।

हाई कोर्ट की सुनवाई में व्‍यस्‍त हैं ASG अनिल सिंह, इसलिए कोर्ट पहुंचने में हो रही है देरी।

– कोर्ट में आर्यन खान के साथ ही नुपुर सतीजा, अचित कुमार, अरबाज मर्चेंट, मोहक जसवाल, मुनमुन धमेचा, श्रेयष नायर और अविन साहू की जमानत याचिका पर होगी सुनवाई।

– शाहरुख की मैनेजर पूजा ददलानी ने स्‍पेशल एनडीपीएस अदालत को एक आवेदन दिया है और अपील की है कि उन्‍हें आर्यन के प्रतिनिधि के रूप में कोर्ट में सुनवाई के दौरान बैठने की अनुमति दी जाए।

– सुबह 11:15 बजे शाहरुख की मैनेजर पूजा ददलानी भी सेशंस कोर्ट पहुंची।

– सुबह करीब11 बजे वकील सतीश मानश‍िंंदे सेशंस अदालत पहुंचे।

हालांकि, इस दौरान उन्‍होंने मीडिया से बात करने से इनकार कर द‍िया।

कोर्ट में पहले एनसीबी को जमानत याचिका पर अपना जवाब सौंपना है।

इसके बाद ही इस पर सुनवाई होगी।

– बॉलिवुड ऐक्‍टर-डायरेक्‍टर और क्र‍िटिक कमाल आर खान ने दावा कि है कि उनके सूत्रों के मुताबिक, आर्यन खान केस के बाद कई सिलेब्रिटी किड्स भारत छोड़कर जाने की प्‍लानिंग कर रहे हैं।

क्‍योंकि उन्‍हें लगता है कि जब ये आर्यन खान के साथ हो सकता है तो किसी के भी साथ हो सकता है।

– सुबह करीब 10 बजे ‘मन्‍नत’ से शाहरुख खान और गौरी खान की कार बाहर निकली है।

समझा जा रहा है कि दोनों अपने वकीलों के पास जा रहे हैं और फिर वहां से कोर्ट भी जाएंगे।

इससे पहले 11 अक्टूबर को सेशंस कोर्ट में आर्यन की जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई।

आर्यन और एनसीबी के वकीलों की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को करने का फैसला किया था।

आज कोर्ट 2:45 आर्यन की जमानत पर फैसला आएगा।

इस केस में अब तक देश के जाने-माने वकील सतीश मानशिंदे () आर्यन की पैरवी कर रहे थे, लेकिन अब शाहरुख खान ने वकील अमित देसाई (Amit Desai) को हायर किया है।

अमित देसाई ने साल 2002 में हिट ऐंड रन केस में सलमान खान (Salman Khan) को जमानत दिलवाई थी।

11 अक्टूबर को अमित देसाई कोर्ट भी गए और आर्यन के लिए अपना पक्ष भी रखा।

तब उनके साथ सतीश मानशिंदे भी मौजूद थे।

बता दें कि इससे पहले आर्यन खान की जमानत अर्जी को अडिशनल मैटोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने खारिज कर दिया था।

अब अगर सेशंस कोर्ट में भी आर्यन को जमानत नहीं मिलती है तो शाहरुख के वकीलों को हाई कोर्ट का रुख करना होगा।

बता दें कि एनसीबी ने 2 अक्टूबर को मुंबई से गोवा जा रहे क्रूज शिप पर छापेमारी की थी, जिसके अगले दिन एजेंसी ने आर्यन खान समेत 7 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया था।

इनमें आर्यन का दोस्त अरबाज मर्चेंट भी शामिल था।