RBI New Current Account Rules : अब बैंकों को इस तारीख तक करेंट अकाउंट के नए नियमों का पालन करना होगा 1

RBI New Current Account Rules : अब बैंकों को इस तारीख तक करेंट अकाउंट के नए नियमों का पालन करना होगा

RBI New Current Account Rules : अब बैंकों को इस तारीख तक करेंट अकाउंट के नए नियमों का पालन करना होगा 2

नई दिल्ली () ने चालू खाता (Current Account) से जुड़े नए नियमों के पालन के लिए बैंकों को और वक्त दे दिया है।

अब बैंकों को 31 अक्टूबर तक नए नियमों का पालन करना होगा।

पहले बैंकों को 31 जुलाई तक नए नियमों का पालन करना था।

इस समयसीमा के बीत जाने के बाद बैंकों ने बड़ी संख्या में करेंट अकाउंट बंद कर दिए, जिससे छोटे कारोबारियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा।

इस वजह से केंद्रीय बैंक ने नए नियमों के पालन के लिए बैंकों को और वक्त देने का फैसला किया है।

ने कहा है कि बैंकों को अब सर्कुलर के प्रावधानों के पालन के लिए 31 अक्टूबर, 2021 तक वक्त दिया गया है।

उसने कहा है कि इस बढ़ी हुई अवधि का इस्तेमाल बैंक अपने ग्राहकों से मिलकर समस्या का संतोषप्रद समाधान निकालने की कोशिश करेंगे।

उसने यह भी कहा है कि जिन मसलों का बैंक समाधान नहीं कर सकेंगे, उन्हें उचित निर्देश के लिए इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के पास उठा सकते हैं।

अगर इसके बाद भी कोई मसला बचता है तो उन्हें आईबीए 30 सितंबर तक रिजर्व बैंक को अवगत कराएगा।

बैंकों के एग्जिक्यूटिव ने कहा है कि आरबीआई के समयसीमा बढ़ाने के फैसले से उन्हें मसलों के समाधान के लिए ज्यादा वक्त मिल गया है।

पिछले साल अगस्त में आरबीआई ने करेंट अकाउंट्स खोलने के लिए नए नियम बनाए थे।

इसमें कहा गया था कि लोन लेने वाले का केवल उसी बैंक में चालू खाता हो सकता है जिसमें उसकी कुल उधारी का कम से कम 10 फीसदी हिस्सा हो।

बैंकों को इसका पालन करने के लिए केवल 3 महीने का समय दिया गया था।

लेकिन इसके क्रियान्वयन में देरी के कारण आरबीआई ने इसकी समयसीमा 31 जुलाई तक बढ़ा दी थी।

इस नियम का मकसद कैश फ्लो पर नजर रखना और फंड्स की हेराफेरी पर लगाम कसना है।

आरबीआई ने पाया कि मौजूदा गाइडलाइंस और जुर्माने के प्रावधानों के बावजूद लोन लेने वाले कई लोग कई बैंकों में चालू खाते खोलकर फंड्स की हेराफेरी कर रहे थे।

हालांकि, नए नियमों के चलते बैंकों ने बड़ी संख्या में करेंट अकाउंट बंद कर दिए।

एक सरकारी बैंक के सीनियर अधिकारी ने कहा, ‘हमें हजारों अकाउंट्स बंद करने के लिए मजबूर किया गया।

अगर सभी बैंकों को बात की जाए तो यह संख्या लाखों में हो सकती है।