Mukesh अंबानी और किशोर बियाणी की दोस्ती में दरार डालने के लिए ऐमजॉन ने लिखी चिट्ठी 1

Mukesh अंबानी और किशोर बियाणी की दोस्ती में दरार डालने के लिए ऐमजॉन ने लिखी चिट्ठी

Mukesh अंबानी और किशोर बियाणी की दोस्ती में दरार डालने के लिए ऐमजॉन ने लिखी चिट्ठी 2

नई दिल्ली FRL: भारत के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी इन दिनों फ्यूचररीटेल को खरीदने की तैयारियों में जुटे हैं।

इस बीच दुनिया की दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी ऐमजॉन ने एक चिट्ठी लिखकर आरोप लगाया है कि किशोर बियाणी के फ्यूचर रीटेल ने मार्च 2020 में समाप्त वर्ष में 70 अरब रुपये अपने नियंत्रण वाली एक दूसरी कंपनी को ट्रांसफर कर दिए।

ऐमजॉन का आरोप है कि फ्यूचर रीटेल ने अवैध तरीके से यह पैसा दूसरी कंपनी में ट्रांसफर किया है, जो कारोबारी नियमों के खिलाफ है।

यह भी पढ़ें: कमजोर कारोबार के बीच एडवांस ऐमजॉन ने आरोप लगाया है कि फ्यूचर रिटेल लिमिटेड ने यह रकम किशोर बियाणी के नियंत्रण वाली एक दूसरी कंपनी को ट्रांसफर कर दी है।

यह रकम उस कंपनी से खरीदे गए सामान और सेवाओं के बदले दी गई है।

फ्यूचर रिटेल ने इसके साथ ही रेंटल सिक्योरिटी डिपॉजिट और सप्लायर को एडवांस पेमेंट के रूप में 4300 करोड रुपये की रकम दी है।

ऐमजॉन का आरोप है कि फ्यूचर रिटेल के बिजनेस में कमजोरी और स्टोर बंद होने के बीच इतनी बड़ी रकम ट्रांसफर करना कुछ संदेहास्पद गतिविधियों की तरफ इशारा करता है।

जान बूझकर नहीं चुकाया लोन ऐमजॉन ने आरोप लगाया है कि फ्यूचर रीटेल की तरफ से बहुत बड़ी रकम किशोर बियाणी के नेतृत्व वाली दूसरी कंपनियों को दी गई है।

ऐमजॉन का आरोप है कि फ्यूचर रीटेल इस रकम से अपने मौजूदा कर्ज में से काफी रकम बैंक और करदाताओं को चुका सकती थी जिससे कि उसका बिजनेस ठीक तरीके से चलता रहे।

RIL के साथ सौदे में होगी देरी अमेरिका की दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी ने इस पत्र की एक कॉपी भारत के वित्त मंत्री रिजर्व बैंक के गवर्नर पूंजी बाजार के नियामक और अन्य अथॉरिटी को भेजकर जांच की मांग की है।

बियानी की फ्यूचर रिटेल को मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड खरीद रही है।

इस तरह के दखल से मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज और फ्यूचर रिटेल का सौदा लटक सकता है।

अगस्त में डाला था केस फ्यूचर रिटेल ने ऐमजॉन के खिलाफ अगस्त में सुप्रीम कोर्ट में एक नया केस दायर कर दिया था।

फ्यूचर ने यह केस अपने 3.4 बिलियन डॉलर की खुदरा संपत्ति की बिक्री के लिए मंजूरी लेने के लिए किया था।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब COVID-19 के चलते संचालन की खराब स्थिति की वजह से भारत के दूसरे सबसे बड़े रिटेलर फ्यूचर ग्रुप ने पिछले साल अपने खुदरा कारोबार को रिलायंस को बेचने के लिए एक सौदा किया था।

फ्यूचर ग्रुप के पास 1,700 से अधिक स्टोर हैं, जिसमें बिग बाजार सुपरमार्केट भी शामिल है।

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