MasterCard पर RBI के बैन से सिटीबैंक इंडिया की क्यों उड़ गई है नींद? 1

MasterCard पर RBI के बैन से सिटीबैंक इंडिया की क्यों उड़ गई है नींद?

MasterCard पर RBI के बैन से सिटीबैंक इंडिया की क्यों उड़ गई है नींद? 2

नई दिल्ली रिजर्व बैंक () ने डेटा स्टोरेज नियमों का पालन नहीं करने के कारण (Matercard) पर बैन लगा दिया है।

इसके तहत मास्टरकार्ड () 22 जुलाई के बाद नए डेबिट और क्रेडिट कार्ड जारी नहीं कर पाएगी।

(RBI) के इस कदम से सिटीबैंक () इंडिया की परेशानी बढ़ सकती है।

सिटीबैंक (citibank) इंडिया ने अपना रिटेल बैंकिंग कारोबार बेचने की पहल शुरू कर दी है और मास्टर कार्ड (MasterCard) पर बैन की वजह से उसके वैल्यूएशन पर असर पड़ सकता है।

सिटीबैंक (citibank) ने पेमेंट कंपनी मास्टर कार्ड (MasterCard) से एक्सक्लूसिव टाइप किया हुआ है जिसके तहत बैंक डेबिट कार्ड जारी करती है।

22 जुलाई से मास्टरकार्ड (MasterCard) सिटी बैंक के डेबिट कार्ड जारी नहीं कर पाएगी।

यह भी पढ़ें: पुराने ग्राहकों पर असर नहीं
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मास्टर कार्ड पर लगाए गए बयान से पुराने ग्राहक और कारोबार पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

लेकिन अब नए ग्राहक जोड़ने और वास्तविक सेल पर इसका असर देखने को मिल सकता है।

खुदरा कारोबार के लिए कम रकम मिलेगी
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मास्टरकार्ड पर लगाए गए इस बैंक की वजह से सिटी बैंक के वैल्यूएशन पर असर पड़ सकता है।

इसका असर यह होगा कि सिटी बैंक का संभावित खरीदार उसके खुदरा बैंकिंग कारोबार के लिए कम रकम चुकाने पर सहमत हो सकता है।

नए ग्राहक बनाने में परेशानी
एक बैंकिंग एग्जीक्यूटिव ने इस बारे में कहा, “खुदरा बैंकिंग कारोबार के मामले में सिटी के पास अच्छा अनुभव है और इस वजह से बहुत सी कंपनियां उसका बिजनेस खरीदने में इंटरेस्टेड हैं।

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा लगाए गए इस बैन के बाद बैंक नए ग्राहक नहीं जोड़ पाएगा।

इससे सिटीबैंक के मौजूदा कारोबार पर असर नहीं पड़ेगा, लेकिन नए ग्राहक जोड़ने में आने वाली परेशानी की वजह से बैंक के कुल वैल्यूएशन में कमी आ सकती है।

सिटी बैंक की डेबिट कार्ड में हिस्सेदारी भारतीय रिजर्व बैंक के पास मौजूद आंकड़े बताते हैं कि सिटी बैंक के पास 16 लाख डेबिट कार्ड हैं।

देश के बैंकिंग सिस्टम में 90 करोड़ से अधिक डेबिट कार्ड है जिसमें सिटी बैंक की हिस्सेदारी 1 फ़ीसदी से भी कम है।

अगर भारत में कामकाज कर रहे विदेशी बैंक की बात करें तो उस मामले में सिटी बैंक के ग्राहकों की संख्या सबसे अधिक है।

खुदरा बैंकिंग कारोबार बिकने की प्रक्रिया एक और बैंकिंग एग्जीक्यूटिव ने कहा, “सिटी बैंक अपना खुदरा बैंकिंग कारोबार बेचना चाहता है।

इस समय जो संस्थान सिटी बैंक के खुदरा बैंकिंग कारोबार को खरीदने के लिए बोली लगा रहे हैं, उन पर भारतीय रिजर्व बैंक के मास्टर कार्ड पर लगाए गए बैन का असर पड़ सकता है।

सिटी अब वीजा जैसी किसी अन्य कंपनी के साथ अपना कारोबार जोड़ सकती है।

अगर मास्टर कार्ड पर बैन का मसला जल्द सॉल्व नहीं होता तो इससे सिटी बैंक के वैल्यूएशन में कमी आ सकती है।

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